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इस स्थान पर स्वप्न में दर्शन देकर प्रकट हुए थे बजरंगबली, बालरूप में हनुमानजी की प्रतिमा


रिपोर्ट- मोहित राठौर

शाजापुर. हनुमान जन्मोत्सव के अलावा शहर में हनुमान अष्टमी भी मनाई जाती है. क्योंकि इस दिन हनुमान जी ने अष्ट सिद्धियों को सिद्ध किया था. जिसके चलते मालवांचल में यह पर्व धूमधाम से मनाया जाता है. जिसमें शहर के प्रसिद्ध मुरादपुरा हनुमान मंदिर में यह पर्व मनाया जाता है.

यूं तो शहर में 108 हनुमान मंदिर हैं. लेकिन शहर के प्रसिद्ध मुरादपुरा हनुमान मंदिर की अलग पहचान हैं. यहां हर मंगलवार-शनिवार को भक्तों की भारी भीड़ लगती है. वहीं शहर के सभी 108 मंदिर भी तस्वीरों के रूप में मौजूद हैं. इसके अलावा यहां हनुमान अष्टमी का पर्व भी धूमधाम से मनाया जाता है. इस पर्व की खास बात यह है कि यह केवल मालवांचल में ही मनाया जाता है. क्योंकि इस दिन हनुमान जी ने अष्ट सिद्धियों को सिद्ध किया था. यही वजह है कि यहां इस दिन विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं.

100 साल पुराना है मंदिर
पुजारी किशोरीलाल शर्मा बताते हैं कि बादशाही पुल के पास स्थित इस मंदिर का इतिहास करीब 100 साल पुराना है. पहले यहां खेत हुआ करता था. रजक समाज के बेजुजी को एक बार स्वप्न में हनुमानजी ने दर्शन दिए और स्थान बताया. फिर यहां खुदाई हुई तो बालरूप में खड़े हनुमानजी प्रकट हुए. इसके बाद यहां मंदिर बनाया गया. तब से इस मंदिर के प्रति लोगों की अटूट आस्था है. बाबा की प्रतिमा चमत्कारी है. यहां हर दिन भगवान को चोला चढ़ाया जाता है साथ ही हवन, अनुष्ठान भी किए जाते हैं.

कभी नहीं सूखती कुंडी
जहां खुदाई हुई, बाद में वहां एक छोटी सी कुंडी बन गई. शर्मा के अनुसार इस कुंडी में पानी कभी खत्म नहीं होता. साल 2008 में जब भयानक सूखा पड़ा था, सारे जलस्रोत जवाब दे गए थे, तब भी इस कुंडी में भरपूर पानी था.

Tags: Mp news


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