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संगम का मेला होगा बेहद खास, दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए होगी विशेष व्यवस्था

डेस्क: संगम की रेती पर जनवरी 2023 में लगने वाले माघ मेले की तैयारियां तेज हो गई है। मेला क्षेत्र में पांच पीपा पुल गंगा की धारा में बनाए गए हैं। साथ ही 6 सेक्टर में मेला को बांटा गया है, जिसमें साधु-संतों के शिविरों के अलावा तमाम स्वयंसेवी संस्थाओं और सरकारी अमले के दफ्तर रहेंगे। माघ मेले की औपचारिक शुरुआत 6 जनवरी को पौष पूर्णिमा स्नान पर्व के साथ होगी। लेकिन उसके पहले सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने की कवायद की जा रही है।

मेला क्षेत्र में जमीनों का समतलीकरण के साथी ही बिजली, पानी, शौचालय के निर्माण के अलावा तमाम जरूरी सुविधाओं को उपलब्ध कराने का काम जोरों पर है। मेला अधिकारी की तरफ से सभी कार्यों को पूरा करने के लिए डेडलाइन भी जारी कर दी गई है। 20 दिसंबर से पहले सभी कार्यों को सुचारू रूप से पूरे किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस बार के माघ मेले को खास बनाने की कवायद की जा रही है। इस बार का माघ मेला अपने आप में बेहद खास होने वाला है। माघ मेले में दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए 500 बेड का विश्रामालय बनाया जाएगा। सभी सेक्टर में जन सुविधा केंद्र को खोले जाना है, जहां पर साधु संतों की समस्याओं का निदान किया जाएगा।

माघ मेले को खास बनाने के लिए इस बार मेले में अलग अलग बनाए जाने वाले वेंडिंग जोन में फसाड़ लाइट लगाया जाएगा। साथ ही कुंभ और माघ के पौराणिक कथाओं को एलईडी स्क्रीन के जरिए सभी सेक्टर में प्रसारित किया जाएगा। इतना ही नहीं इस बार के माघ मेले में युवाओं की भूमिका भी तय की जाएगी। युवाओं को मेले की ऐतिहासिकता और पौराणिक महत्व से जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मेले को ओडीएफ और प्लास्टिक फ्री भी बनाया जाएगा।

माघ मेला अधिकारी अरविंद सिंह चौहान ने कहा कि माघ मेले को पूरी तरीके से धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल मिले, इसके लिए सरकार के निर्देशानुसार सभी जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि तय समय सीमा के भीतर मेले के सभी तैयारियों को पूरा करा लिया जाएगा। इसके लिए सभी विभागों को जरूरी दिशा निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। साधु संतो और स्वयं सेवी संस्थाओं के जमीनों का आवंटन 11 दिसंबर से शुरू हो जाएगा।


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