AMAR UJALA

Haridwar: सरकार की इस योजना से हरिद्वार में बढ़ेगा गुड़ का उत्पादन, लोगों को मिलेगा रोजगार

रिपोर्ट- ओम प्रयास 

हरिद्वार. सरकार की योजना एक जिला दो उत्पाद में हरिद्वार के  गुड़ और शहद को चुना गया. हरिद्वार के ग्रामीण क्षेत्रों में गन्ना काफी ज्यादा मात्रा में होता है, जिससे जिले में गुड़ बनने की ज्यादा संभावनाओं को देखते हुए चुना गया. हरिद्वार जिले के देहात क्षेत्र लक्सर, मंगलौर,  भगवानपुर, सिडकुल थाना और बुग्गावाला थाना क्षेत्र में गुड़ बनाने की बहुत सी चरखिया हैं.

रोजाना इन चर्खियों में गुड़ बनाने का काम किया जाता है. चर्खियों में गुड़ बनाने के लिए गन्ने का प्रयोग किया जाता है. लेकिन राज्य सरकार की एक जिला दो उत्पाद योजना से अब गुड़ का उत्पाद काफी ज्यादा मात्रा में होगा, जिससे स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिलेगा.

News18 Hindi

सरकार की योजना से बढ़ेगा हरिद्वार में गुड़ का उत्पादन

कैसे बनता है गुड़

सिडकुल थाना क्षेत्र के औरंगाबाद के पास स्थित एक चरखी मालिक संदीप चौहान ने गुड़ बनाने की पूरी विधि के बारे में बताया. गुड़बनाने के लिए सबसे पहले मशीन से गन्ने का रस निकाला जाता है. उस रस को साफ किया जाता है. चरखी में चार बड़ी-बड़ी कढ़ाई बनी हुई थी जिनके नीचे भट्टी चलती है. एक कढ़ाई में गन्ने के रस को डाला जाता है, जिसमें वह ठंडा होता है. उससे अगली कढ़ाई में रस को थोड़ा सा गर्म किया है. जिससे वह साफ हो सके. उसे अगली कढ़ाई में थोड़ा ज्यादा गर्म और सबसे आखिर वाली कढ़ाई में सबसे ज्यादा गर्म किया जाता है. चारो कढ़ाई में गन्ने का रस पकने के बाद साफ हो जाता है और चौथी कड़ाई में पकने के बाद उसे बाहर निकाला जाता है जहां पर उसे ठंडा किया जाता है. ठंडा करने के बाद गुड़को इकट्ठा कर उसे  गोल-गोल  लड्डू के आकार में ढाला जाता है. इस पूरी प्रक्रिया में 3 घंटे का समय लगता है. वही चरखी मालिक की मानें तो गुड़ को अच्छी क्वालिटी के साथ बनाने के लिए साफ सफाई भी होनी जरूरी है.

क्या बोले सीडीओ

वही मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि सरकार की योजना एक जिला दो उत्पाद में हरिद्वार को गुड़ उत्पाद करने के लिए इसलिए चुना गया है, क्योंकि हरिद्वार के देहात क्षेत्रों में गन्ना काफी ज्यादा मात्रा में होता है. गुड़ केवल गन्ने से ही बनता है, जिसे खाने के बहुत से फायदे हैं.

Tags: Haridwar news, Uttarakhand news


Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button