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भारत के युवा स्टार यशस्वी जायसवाल खास टैटू से लेते हैं प्रेरणा, दोहरा शतक जड़ने में हैं माहिर


नई दिल्ली. यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) ने रणजी ट्रॉफी के नए सीजन में बेहतरीन आगाज किया है. रणजी ट्रॉफी के दूसरे राउंड (Ranji Trophy 2022-2023) के मुकाबले मंगलवार से शुरू हुए. 20 साल के यशस्वी ने पहले ही दिन मुंबई की ओर से खेलते हुए हैदराबाद के खिलाफ बड़ी पारी खेली. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में दोहरा शतक लगा चुके यशस्वी हालांकि हालांकि इस बार चूक गए. उन्होंने 162 रन की पारी खेली. 27 चौके और एक छक्का लगाया. मुंबई ने पहले ही दिन 450 से अधिक का स्कोर बनाकर अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली है. यशस्वी सिर्फ 18 फर्स्ट क्लास पारियों में 7 शतक लगा चुके हैं. इससे उनके शानदार प्रदर्शन का अंदाजा लगाया जा सकता है. वे लिस्ट-ए क्रिकेट में भी दोहरा शतक लगा चुके हैं.

यशस्वी जायसवाल ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा, मैंने टैटू को हाथ पर बनवाया, ताकि खुद पर भरोसा और विश्वास बना रहे. यह बहुत जरूरी है. यह मुझे याद दिलाता रहता है कि मैं कौन हूं और मुझे हमेशा खुद पर भरोसा और विश्वास क्यों करना चाहिए. ये 2 शब्द अब मेरे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण हैं. मालूम हो कि एक हाथ में उन्होंने BELIVE के साथ 16.10.2019 की तारीख डाली है. इस दिन उन्होंने झारखंड के खिलाफ लिस्ट-ए के मुकाबले में 203 रन बनाए थे. वहीं दूसरे हाथ में I Trust के साथ 07.05.2022 की तारीख अंकित है. इस दिन उन्होंने राजस्थान रॉयल्स की से खेलते हुए आईपीएल 2022 में पंजाब किंग्स के खिलाफ 68 रन बनाए थे और पहला प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता था.

हर डेब्यू की तारीख को रखा है याद
यशस्वी जायसवाल ने अपने पेट के एक ओर आईपीएल डेब्यू, रणजी ट्रॉफी डेब्यू, विजय हजारे डेब्यू और मुश्ताक अली ट्रॉफी से संबंधित टैटू भी बनवाया है. हालांकि उनका अभी भारतीय सीनियर टीम से डेब्यू बाकी है. यशस्वी ने बताया कि मई 2022 के बाद वे बेहतर हुए हैं. फिजिकल से लेकर मेंटल दोनों तौर से. उन्हें पता कि उन्हें जिंदगी में क्या हासिल करना है. आईपीएल से पहले उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के लिए नागपुर या मुंबई में तालेगांव जैसी जगहों पर एक महीने तक ट्रेनिंग ली. वे ट्रेनिंग को पहले की अपेक्षा अब अधिक गंभीरता से लेते हैं.
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विश्वास की कमी थी
उन्होंने बताया कि मैं हमेशा किसी भी अन्य खिलाड़ी की तरह अच्छा प्रदर्शन करना चाहता था, लेकिन कहीं न कहीं खुद पर विश्वास की कमी थी. जब मैं असफल होता था, तो मैं पूछता था, क्या मैं अच्छा हूं? या बुरा? इसलिए एक दिन मैंने खुद से कहा कि अगर मुझे अच्छा करना है और सफल होना है, तो पहले मुझे खुद पर भरोसा करना होगा. मुझे खुद पर विश्वास करने की जरूरत है. ये केवल 2 शब्द हैं, लेकिन अब मुझे एहसास हुआ कि ये 2 शब्द मेरे जीवन में कितने महत्वपूर्ण हैं. मालूम हाे कि शुरुआती दिनों में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा था. उन्हें टेंट में रहने के अलावा पानी-पूरी तक तक बेचनी पड़ी थी.

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रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन से पहले यशस्वी जायसवाल ने बांग्लादेश-ए के खिलाफ भी 146 रन की बड़ी पारी खेली थी. वहीं विजय हजारे ट्रॉफी में भी उन्होंने 2 शतक और 2 अर्धशतक लगाए थे. मुंबई की ओर सूर्यकुमार यादव ने 90 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली, जबकि कप्तान अजिंक्य रहाणे अभी भी शतक लगाकर खेल रहे हैं. दोनों के खेल को लेकर यशस्वी ने कहा कि दोनों के अनुभव से मुझे काफी कुछ सीखने काे मिला. साथ ही दोनों के साथ बल्लेबाजी करने का मैंने लुत्फ भी उठाया.

Tags: IPL, Mumbai, Rajasthan Royals, Ranji Trophy, Yashasvi Jaiswal


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